Email ID : {{site_email}}
Contact Number : {{site_phone}}

शिवरात्रि पूजा सम्पूर्ण विधि मंत्रो सहित हिंदी में

फाल्गुन मास के कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और मां शक्ति की शादी हुई थी जिस महाशिवरात्री के नाम रुप में भारतवर्ष में धुम धाम से मनाया जाता है। इस दिन विशेष रुप से शिव आराधना करने से उचित लाभ मिलता है। इस वर्ष 2017 को महाशिवरात्रि 24 फरवरी को पड रही है। आइये जानते है विस्तार से महाशिवरात्री की पुजन विधि –

 

महाशिवरात्रि की पुजन विधि

 

  1. सर्वप्रथम सवेरे उठ कर स्नान करें। स्नान के पानी में गंगाजल जरुर मिला ले। गंगाजल बेहद पवित्र माना जाता है पुराने गंथों व पुराणनों के अनुसार गंगाजल की कुछ बुंदों से ही पुरा शरीर पवित्र हो जाता है व अनेक प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
  2. स्नान के पश्चात् भगवान शिव व मां शक्ति की आराधना करते हुए पंचाक्षर मंत्र व शिव स्त्रोत पढें।
  3. आराधना के पश्चात् एक कलश में जल भर उसमें शहद, दुध, चीनी, चावल व गंगाजल डालकर शिवलिंग पर अभिषेक करें। ऐसा करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते है व मनवाछंति फल देते है। जिन लोगो की कोई अधुरी इच्छा है उन लोगो को यह पुजन विधि अत्यंत लाभ पहुंचाती है। उनकी वह इच्छा भगवान शिव जरुर पुरी करते है।
  4. फिर उसके पश्चात् बेल-पत्र व धतुरा अर्पित करें।धतुरा व बेल-पत्र भगवान शिव को अत्यंत पसंद है। भगवान शिव का असीम आशिर्वाद पाना चाहते है तो उन्हे बेल-पत्र व धतुरा जरुर चढायें।
  5. रात्रीभर परिवार के साथ भगवान शिव की आराधना करें।

 

मंत्र

 

।। ओम नम शिवाय ।।

 

इस मंत्र का जाप भक्तगणों को रुदाक्ष की माला से 1008 बार करना चाहियें। रुदाक्ष की माला भगवान शिव से सीधे तौर से संबंधित है। रुदाक्ष का मतलब होता है रुदा (भगवान शिव) अक्ष (मतलब आशु)। पुराणनों के अनुसार जब भगवान शिव रोते है तब पृथ्वी पर उनके आशु रुदाक्ष के रुप में गिरते है।

 

पुजा की समाग्री

 

  1. दुध
  2. दही
  3. बेलपत्र
  4. धतुरा
  5. शहद
  6. गंगाजल
  7. कलश

 

लाभ

 

  • भगवान शिव की आराधना इस दिन सच्चे मन से करने से हर प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
  • भगवान शिव अपने भक्तों की हर इच्छा पुरी करते है।
  • जिन भक्तगणों की शादी में अड़चने आ रही है या विवाह तय होने पश्चात् टुट जाता है तो इस दिन विशेष रुप से भगवान शंकर व पर्वती की पुजा अर्चना करें। व उनके विवाह की कथा को बन्धु बंधाओं के साथ बैठ कर पढें या सुनें। इसे अविवाहित कन्या व पुरूष को उत्तम लाभ होगा।

 

For more details, you can contact us at +919870286388 or email us at contact@kamiyasindoor.com