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नवरात्री पूजा सम्पूर्ण विधि मंत्रो सहित हिंदी में

नवरात्री को मां शक्ति के नौ रुप की पुजा की जाता है। मां शक्ति भगवान शंकर की अर्धंगनी है। नवरात्री का व्रत व पुजा करने से भक्तजनो के अनेक दुखों का नाश हो जाता है।उनकी जिंदगी से सुख का आह्वान होता है। मान संम्मान की वृध्दि होती है। आइये जानते है विस्तार से किस प्रकार नवरात्री की पुजा की जाती है

 

पुजन विधि

 

  1. नवरात्री के प्रथम दिन कलश स्थापना किया जाता है।
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  3. कलश स्थापन के लिये सर्वप्रथम एक नया कलश या पुजा का कलश लें। उसके चारों और तीन बार कलावा लपेट व साथ साथ मां शक्तिं के नौ रुप का जाप भी करते रहें। कलावा बांधने से पश्चात् कलश में स्वच्छ जल भरें। फिर उसमें चावल, रोली व हल्दी डालें। फिर नारियल उसे स्वच्छ पानी से साफ कर लें।
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    जब भी कोई चीज देवी देवता पर चढायी जाती है तो उस स्वच्छ पानी से जरुर साफ कर ले। नारियल स्वच्छ करने के पश्चात् उस पर चुनी लपेट कर कलावे से बांध दें। इस प्रक्रिया के बाद नारियल को कलश के उपर स्थापित कर दें। कलश के उपर स्वास्थिक व ओम का चिन्ह् जरुर बनायें।

     

  5. उसके बाद यह कलश मां शक्ति के समक्ष स्थापित करना चाहिये।
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  7. नवरात्री में बाली भी बौई जाती है। मान्यता है कि नवरात्री के अंतमी दिन जितनी लम्बी बाली उगती है उतनी है बरगद घर में होती है।
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  9. नवरात्री में अखंड ज्योत जलने से मां शक्ति हर मनोकामना पुरी करती है। व इसकी अखंड ज्योत घर में उपस्थित हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का नाश करती है। घर में साकारत्मक ऊर्जा का आह्वान होताहै।
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  11. हर नवरात्री के नौ दिन मां शक्ति की हर रुप की पुजा करनी चाहिये व उनका उपवास करना चाहिये।
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  13. नवरात्री के उपवास में बस एक वक्त ही खाना खाया जाता है। खाने में आप कुठु के आटे की बनी सामाग्री, आलु, व्रत का नमक, दही, दुध व समा के चावल का उपयोग कर सकते है। इन खाद्य सामाग्री को पवित्र माना गया है।
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  15. नवरात्री के नौ दिन पुरे होने के पश्चात् नौ कन्या को भोजन करना चाहियें। नौ कन्या को मां शक्ति का रुप मान कर खान कराया जाता है। कन्या की उम्र 10 वर्ष से अधिक नही होनी चाहियें। क्योकि छोटी कन्याओ को मां शक्ति का रुप माना जाता है।
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  17. नौ कन्याओ को दान में पैसे, पढाई का सामान, या बिंदी अन्य साजो समान की समाग्री देकर पैर छुकर आर्शीर्वाद लेना चाहिये।

 

मंत्र

 

।। ओम महा लक्ष्मैय नम: ।।

 

कलश स्थापना की सामाग्री

 

  1. कलश
  2. रोली
  3. चावल
  4. हल्दी
  5. चुनी
  6. नारियल

 

पुजन सामाग्री

 

  • बिल्वपत्र,
  • हल्दी
  • केसर
  • कुंकुम से रंग चावल
  • इलायची
  • लौंग
  • काजू
  • पिस्ता
  • बादाम
  • गुलाब के फूल की पंखुड़ी
  • मोगरे का फूल
  • चारौली
  • किसमिस
  • सिक्का
  • पुष्प
  • धूप
  • दीपक
  • नैवेद्य
  • नया कपड़ा

 

लाभ

 

  • नवरात्री की पुजा से अनेक दुखों का अंत हो जाता है।
  • जिंदगी के हर क्षेत्र में सफल मिलती है।

 

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