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नरक चतुर्दशी पूजा सम्पूर्ण विधि मंत्रो सहित हिंदी में

नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली के रुप में भी जानते है। यह पर्व कर्तिक कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन यम की पुजा करने से विशेष फल मिलता है। परंतु यह पुजा पुरे विधि विधान के करनी चाहिये। आइये जानते है नरक चतुर्दशी को किस प्रकार पुजा की जाती है

 

नरक चतुर्दशीपूजन विधि

 

  1. सर्वप्रथम स्नान करते वक्त मुख पर अपामार्ग घुमाना चाहिये। इससे मृत्य के पश्चात् नरक में जाने का डर का नाश होता है।
  2. स्नान के पश्चात् यम के 14 नामों का जाप करते हुये जल दान करें।

 

शाम की पुजा

 

  1. सबसे पहले पुर्व दिशा में अपना पुजा का आसन लगायें।
  2. एक कलश में गंगाजल भरें। पुजा के कमरे व घर के हर कोने में ओम गणेशाय नम का जाप करते हुये छिडके।
  3. गंगाजल छिडकने के बाद अपने आसन पर अपना स्थान ग्रहण करें।
  4. उसके बाद सभी भगवान का ध्यान करे। सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करें।
  5. उसके बाद सभी भगवान के पैर धोये।
  6. पैर धोने के बाद सभी भगवान का रोली व चावल से अभिषेक करें।
  7. अभिषेक के सभी पर पुष्पाज्जलि अर्पित करें।
  8. पुष्पाज्जलि के पश्चात् उनके समक्ष दक्षिणा चढाये।
  9. दक्षिण के पश्चात् उन्हे नैवेघ समर्पित करें।
  10. पुजा के बाद तीन दीये जलाये। एक रसोई में, एक बाथुरुम में और एक बाहर दरवाजे के पास।

 

मंत्र

 

।। ओम यमाय नम: ।।

।। ओम मृत्यवे नम: ।।

।। ओम धर्मराजाय नम: ।।

।। ओम अन्तकाय नम: ।।

।। ओम कालाय नम: ।।

।। ओम सर्वभूतक्षयायं नम: ।।

।। ओम वैवस्वताय नम: ।।

।। ओम औदुम्बराय नम: ।।

।। ओम नीलाय नम: ।।

।। ओम दध्नाय नम: ।।

।। ओम परमेष्ठिने नम: ।।

।। ओम चित्राय नम: ।।

।। ओम चित्रगुमाय नम: ।।

।। ओम वृकोदराय नम: ।।

 

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