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करवा चौथ पूजा सम्पूर्ण विधि मंत्रो सहित हिंदी में

यह व्रत हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सुहगिन महिलायें मनाती है। यह व्रत सुहागिन महिलायें अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिये रखती है। अगर यह व्रत पुरे विधि विधान के साथ न रखा जाये तो इसका उचित लाभ नहीं मिलता है। इसलिये जरुरी है कि इस व्रत की पुरी विधि पता हो।

 

आइये जानते है इस व्रत की पुरी विधि विस्तार से

 

  1. व्रत संकल्प – सर्वप्रथम सुर्योदय से पुर्व स्नान करके करवा चौथ के व्रत का संकल्प लें। संकल्प लेते हुये सभी देवी देवताओ को प्रणाम करें। और अपने मन में कहे हे प्रभु आज मै करवा चौथ का व्रत रख रही हो। अपनी कृपा दृष्टि मुझ पर व मेरे परिवार पर सदैव बनाये रखें।
  2. सरगी का सेवन – व्रत संकल्प के पश्चात् सास के द्वारा बनायी गई सरगी का सेवन करें।
  3. सरगी के पश्चात् पूरे दिन सुहगिन माहिलाओं को कुछ न खान चाहिये न ही पीना चाहिये।
  4. इस दिन पूरे दिन माता पार्वती, भगवान शंकर व भगवान गणेश जी का ध्यान करते रहना चाहियें।
  5. शाम के समय घर में स्थित पुजा स्थल की पुर्व दीवार पर गेरु से फलक बनाये।
  6. उसके पश्चात् पिसे चावलो के घोल से पुजा करने वाले करवा को स्वयं रंगे।
  7. गौरी व गणेश की प्रतिमा की तैयारी –उसके पश्चात् पीली माटी से माता पार्वती व भगवान गणेश जी की प्रतिमा तैयार करें। जिनकी पुजा शाम को करने के काम आती है।

 

शाम की पुजा की तैयारी

 

  • शाम को पीली माटी से बनी माता पार्वती की प्रतिमा को लकडी के सिंहासन पर स्थापित करें।
  • उसके पश्चात् उनका श्रींगार करें।
  • श्रींगार के पश्चात् माता पार्वती के सामने कलश में जल भर कर उसमें थोड़ा सा गंगाजल मिला कर उस पर नारियल स्थापित करें।
  • उसके बाद टोटीदार करवा तैयार करें। टोटीदार करवे में गुँह उपर तक भर ना चाहिये और उसके उपर चीनी भर दें। चीनी के उपर दक्षिणा रखें। दक्षिणा में 11, 21, 51, 101, 501 या 2001 की दक्षिणा रखें।
  • उसके पश्चात् करवा पर स्वास्तिक व ओम का चिन्ह बनायें।
  • फिर उसके बाद व्रत कथा पढे कर सभी देवी देवताओ की पुजा करें।
  • शाम को चंद देखकर पुजा करें I पुजा के पश्चात् अपने पति का आर्शीर्वाद ले। फिर सास ससुर का आर्शीर्वाद ले I इसके बाद व्रत तोड कर पानी ग्रहण करे I

 

माता पार्वती के श्रीगांर की सामाग्री

 

  1. लाल रंग की चुनी
  2. छोटी चुडियां
  3. बिंदी
  4. सिंदुर
  5. काजल
  6. लिपस्टिक

 

( पुजा के अगले दिन यह सिंदूर को छोड कर अन्य सामाग्री छोटी कन्या को दान में दे देने चाहिये। पुजा में उपयोग सिंदुर को संभालकर अपने पास रखना चाहियें I )

 

भोग की तैयारी

 

  • 8 पुरियां की अठावरी तैयार करें।
  • हलुआ
  • केले
  • चावल
  • दो तरह के पकवान

 

सरगी की सामाग्री (सरगी की सामाग्री में कभी भी बहू को प्याज व लहसुन से बना भोजन नही देना चाहिये)

 

  • मिठाई
  • फल
  • सेंवई
  • पूडीं
  • साडीं (इस दिन सास द्वारा दी गई साड़ी पहना बहूत शुभ माना जाता है)
  • साज – श्रंगार का समान (जैसे लाल रंग की चुडियां, मंगलसुत्र, सिंदुर, बिंदी, पायल, पाउडर, काजल, वाली, नथनी, कंगान, अंगुठी आदि)

 

करवा चौथ का मंत्र

 

।। नम: शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम् ।।

।। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे ।।

 

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