Email ID : {{site_email}}
Contact Number : {{site_phone}}

कामाख्या सिन्दूर प्रयोग और पूजन विधि

कामिया सिन्दूर पूजन विधि माँ कामाख्या देवी माँ सती की अंग स्वरूपा के रूप में प्रसिद्ध है, जो जातक कामाख्या देवी की पूजा करता है उसका कार्य या मनोकामना जरूर पूरी हो जाती है, कामाख्या देवी का स्थान कामरु कामाख्या नामक स्थान पर स्थित है |

 

भगवान शिव के तांडव व् वियोग के फल स्वरूप ५१ शक्ति पीठ की उत्पत्ति हुई है, मान्यताओ के अनुसार भगवान विष्णु ने सती के भस्म शरीर को सुदर्शन से अंग भंग कर दिया था और सती के अंग जहा जहा गिरे उसे शक्ति पीठ जाना जाता है |

 

माता सती की योनि कामुरु नामक स्थान पर गिरी थी जिसे आज कामाख्या देवीं का स्थान कहा जाता है, इस स्थान को देवी की ५१शक्ति पीठ में सबसे शक्तिशाली पीठ माना जाता है |

 

और यही से कामाख्या सिन्दूर प्राप्त होता है, जो जातक इस सिन्दूर का प्रयोग करता है, उसपे माँ की कृपा बनी रहती है इस सिन्दूर से भूत प्रेत, वशीकरण, जादू टोना, गृह कलेश, व्यापर में अवरोध, प्रेम की समस्या, विवाह में परेशानी, व् अन्य समस्या का निवारण होता है |

 

कामाख्या सिन्दूर के बारे में हिंदी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे:

 

कामाख्या सिन्दूर का प्रयोग मांगलिक व् पूजा कार्यो में करने से जातक की मनोकामना पूर्ण होती है |

 

कामाख्या सिन्दूर प्रयोग करने की विधि :

 

• कामाख्या सिन्दूर का प्रयोग सोमवार या शुक्रवार के दिन से प्रारम्भ करना चाहिए और कम से तीन से सात दिन या बताये गए दिन तक करना चाहिए,

 

• अगर आपको पत्थर के रूप में सिन्दूर प्राप्त हुआ है तो इसे किसी साफ़ पीसने वाले जैसे ओखली से पीस ले या घर में जो भी मौजूद हो उस से, इसके बाद पाउडर कामाख्या सिन्दूर को उसी डिब्बे में रख ले अगर चांदी या तांबे की डिब्बी में रखते है तो शुभ होता है |

 

• सर्वप्रथम डिब्बे में सिन्दूर को निकल कर 7 या 11 बार मंत्र पढ़े |

 

• सिन्दूर की थोड़ी सी मात्रा को हथेली में लेकर गंगा जल (अगर गंगा जल नहीं है तो दूध या पानी प्रयोग करे), केसर , चंदन पाउडर मिलाकर मंत्र का उच्चारण करते हुए माथे पर तिलक करना चाहिए, या इसको अपने शरीर पर लगा सकते है या फिर आप थोड़ी सी मात्रा अपने मंदिर में रख कर प्रति दिन पूजन कर सकते है |

 

अगर घर में कोई समस्या है तो आप इसे घर के चार कोनो में छिडक सकते है |

 

To read about Kamakhya Sindoor in English Click Here !!

 

 

कामाख्या सिन्दूर को प्रयोग करने के लिए मंत्र :

 

इस सिन्दूर को 7 या 11 बार मंत्र का उच्चारण करके तिलक लगाये :

 

"कामाख्याम कामसम्पन्ना कामेश्वरी हरप्रिया | कमाना देहि में नित्य कामेश्वरी नमोस्तुते ||”

 

" कामाख्याये वरदे देवी नीलपावर्ता वासिनी | त्व देवी जगत माता योनिमुद्रे नमोस्तुते || "

 

कामाख्या सिन्दूर का तिलक लगाने से माँ कामाख्या देवी की कृपा जातक पर बनी रहती है |

 

 

कामाख्या सिन्दूर, कामाख्या वस्त्र, कामाख्या कड़ा, कामाख्या पूजा के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमें कॉल करे +91-09999505545

 

 

International Shipping Available.     |     Cash On Delivery Available on Some Products in India Only. T&C     |     We Also Book & Perform Puja Path Services.      |      We only provides original & Pure Religious Products    |      All Astrology Services Available here.     |      Make a Donation to Support KamiyaSindoor.com.