Email ID : {{site_email}}
Contact Number : {{site_phone}}

हत्था जोड़ी सिद्ध करना व् पूजन विधि

हत्था जोड़ी सिद्ध करना व् पूजन विधि हत्था जोड़ी क्या है :

 

तंत्र शास्त्र में हत्था जोड़ी एक विशिष्ट स्थान रखती है। ये साक्षात् माँ महाकाली और कामाख्या देवी का स्वरुप मानी जाती है। देखने में ये भले ही किसी पक्षी के पंजे या मनुष्य के हाथो के समान दिखे लेकिन असल में ये एक पौधे की जड़ है।

 

हत्था जोड़ी तांत्रिक प्रयोगों में काम आने वाली एक दुर्लभ एवं चमत्कारिक वस्तु है | ये एक प्रकार की वनस्पति बिरवा की जड़ है, लेकिन इसे दुर्लभ माना जाता है, क्योकि ये सहज उपलब्ध नहीं होती है |

 

इस जड़ की आकृति दो जुड़े हुए हाथों के रूप में होती है, इसलिए इसे हत्था जोड़ी कहा गया है | हत्था जोड़ी का प्रयोग दांपत्य जीवन में आ रही समस्यओं को दूर करने में, व्यापार वृद्धि में, धन प्राप्ति इत्यादि में की जाती है |

 

हत्था जोड़ी के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे :

 

नेपाल में इसे स्थानीय लोग विरूपा या विरुपात और भारत में बिरवा नाम से पहचानते है। ये अति दुर्लभ वनस्पति है और भारत में मध्य प्रदेश के अमरकंटक, झारखण्ड के नेपाल के सीमावर्ती जंगलों में, उत्तराखंड में स्वर्ग की सीढ़ी के पास के जंगलों में और नेपाल में कई स्थानों पर पाई जाती है।

 

 

Get Complete Pujan Vidi of Hatha Jodi with Mantra for Diwali Pujan in Rs. 551 & 1100, Call 9818543616.

 

हत्था जोड़ी पूजा विधि :

 

जब आपको हत्था जोड़ी मिले तो उसे निकाल कर एक साफ़ कटोरी में रख कर उसमे इतना तिल का तेल डालें की हत्था जोड़ी पूरी भीग जाये, और अगर तेल काम हो जाये तो फिर से तेल डालें, ऐसा करने से हत्था जोड़ी तेल सोखती है और इसे तब तक उसी कटोरी में रखे जब तक की प्रयोग न करना हो |

 

और जिस दिन इसका प्रयोग करना हो ( प्रायः शुक्रवार से प्रारम्भ करना चाहिए ) इसको तेल से निकाल कर इसके ऊपर सिन्दूर लगाए और बचा तेल पीपल के वृक्ष पर अर्पित कर दे , अगर तिल का तेल न हो तो आप सरसो का तेल भी प्रयोग कर सकते है |

 

इसके बाद एक चांदी की डिबिया लेकर उसमे सिन्दूर भरकर हत्था जोड़ी को उसमे रख दे और डिबिया को बंद करके जहा रखना चाहते है रख सकते है |

 

प्रातः काल स्नान ध्यान से निवृत्त होकर अपने घर के मंदिर के समीप गंगा जल या गौ मूत्र से स्थान शुद्धि कर ले और उत्तर या पूर्व की दिशा की तरफ मुख करके सफ़ेद ऊनी या सूती आसन पर बैठे एक लकड़ी के ऊपर लाल वस्त्र रख कर हत्था जोड़ी की डिब्बी खोलकर इसपर रखे |

 

तथा यदि धन के लिए पूजा करना चाहते है तो माता लक्ष्मी, अगर दांपत्य जीवन के लिए चाहते है तो माँ कामाख्या और अगर शिक्षा के लिए चाहते है तो माता सरस्वती को ध्यान में रख कर दिए गए मंत्रो में से उस मंत्र का उच्चारण 108 बार करे |

 

For other Products Use Vidhi Click Here..

 

हत्था जोड़ी मंत्र अगर आप दांपत्य जीवन के लिए इसका प्रयोग कर रहे हो :

 

ॐ हाँ ग़ जू सः अमुक में वश्य वश्य स्वाहा |

 

हत्था जोड़ी मंत्र अगर आप धन और व्यापार के लिए इसका प्रयोग कर रहे हो :

 

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री महालक्ष्मयै नमः |

 

हत्था जोड़ी मंत्र अगर आप शिक्षा और नौकरी के लिए इसका प्रयोग कर रहे हो :

 

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सरस्वतये नमः |

 

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: +91-9999505545

 

 

International Shipping Available.     |     Cash On Delivery Available on Some Products in India Only. T&C     |     We Also Book & Perform Puja Path Services.      |      We only provides original & Pure Religious Products    |      All Astrology Services Available here.     |      Make a Donation to Support KamiyaSindoor.com.