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गोरचना दाना उपयोग व तिलक विधि

गोरचना दाना उपयोग व तिलक विधि हिन्दू धर्म में गाय को माता के स्वरुप माना जाता हैं और हमारे शास्त्र के अनुसार गौ माता को ब्रम्हा का आशीर्वाद प्राप्त हैं की जीवित व मरण तुम्हारा शरीर परमार्थ के लिए होगा अर्थात जब तक जीवित रहोगी तुम्हरे दिए गए दूध का सेवन करने से मनुष्य व जीव जंतु अपनी तृप्ति प्राप्त करेंगे |

 

जो भी मनुष्य तुम्हारे गोबर, मूत्र का प्रयोग करेगा रोग उसके निकट नहीं आएगा, पूजा में पंचगभ का प्रसाद दिया जायेगा, व मरण उपरांत तुम्हारे शरीर का हर अंग बुरी आत्माओ व बुरे प्रभाव से दूर रखेगा |

 

गोरचन दाना गौ माता के शरीर से निकला हुआ पदार्थ हैं जिसका उपयोग तांत्रिक कार्य हेतु, बुरे ताकतों से दूर रखने व धन धान्य, समृद्धि बढ़ने में किया जाता है, गोरचन दाना का तिलक करने से माँ लक्ष्मी की कृपा बानी रहती है, व मनुष्य का जीवन विपत्ति से दूर रहता है तांत्रिक गोरचना को चन्दन दूध केसर के साथ मिलाकर मंत्र का उच्चारण करते हुए तिलक करना चाहिए |

 

गोरोचन प्रयोग करने की विधि:-

 

अपनी सभी मनोकामनायों को पूर्ण करने के लिए गोरोचन का प्रयोग इस प्रकार करे!

 

१. गोरोचन का प्रयोग आप सोमवार अथवा शुक्रवार से प्रारंभ करे!

 

2. गोरोचन को पीस ले और साथ में केसर चन्दन को मिला ले फिर तिलक करते समय गंगाजल या कच्चा दूध मिलाकर तिलक करे,

 

3. गोरोचन को चांदी या तांबे के डिब्बे में रख ले, और इसे आप मंदिर या तिजोरी में भी रख सकते है,

 

4. प्रतिदिन सुबह स्नान ध्यान करके 27 दिन तक तिलक लगाए !

 

गोरचन तिलक करने का मंत्र :

 

1. || ॐ शांति शांति सर्वारिष्टनाशिनिस्वाहा |||

 

2. ॐ ऐं ह्रिं क्लीं नमः योगमायायै मम् वश्यं कुरु कुरु स्वाहा

 

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: +91-09999505545

 

 

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