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17 मुखी रुद्राक्ष की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में

 17 Mukhi Rudraksha in Hindi सत्रह मुखी रूद्राक्ष

 

हिंदू धर्म में ऐसा माना जाता है कि रूद्राक्ष की उत्पति भगवान शिव के आंसू से हुई है। शास्त्रों में 21 तरह के रूद्राक्ष का वर्णन किया गया है और इन सभी रूद्राक्षों का अपना प्रभाव और अपनी शक्ति है।

 

रूद्राक्ष को संसार के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। इन्हीं रूद्राक्षों में से सत्रह मुखी रूद्राक्ष को बेहद शुभ माना गया है।

 

सत्रह मुखी रूद्राक्ष को माता सीता और भगवान राम का स्वरूप माना गया है। यह रुद्राक्ष राजयोग का सुख प्रदान करता है, सुख एवं समृद्धि दायक होता है।

 

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार सत्रह मुखी रुद्राक्ष प्रभु विश्वकर्मा और माँ कात्यायनी के रूप में देवी दुर्गा का प्रतिनिधित्व करता हैं।

 

यह रुद्राक्ष राजयोग का सुख प्रदान करता है, साथ ही सुख और समृद्धि दायक होता है। यह एक दुर्लभ रूद्राक्ष है और इस धारण करने से सफलता, स्मृति ज्ञान, कुंडलिनी जागरण और धन धान्य की वृद्धि होती है।

 

सत्रह मुखी रूद्राक्ष के लाभ

 

  • पौराणिक शास्त्रों के अनुसार सत्रह मुखी रुद्राक्ष भगवान विश्वकर्मा का प्रतिनिधित्व करता हैं।
  • इस रूद्राक्ष को धारण करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • सत्रह मुखी रुद्राक्ष को पहनने वाले को अप्रत्याशित धन, सफलता, बेहतर स्मृति और उनकी कुंडलिनी भी सक्रिय हो जाती है।
  • इस रुद्राक्ष को पहनने से व्यक्ति को अत्याधिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
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  • हिंदू वैदिक ग्रंथों के अनुसार, यह रुद्राक्ष स्मृति की कमी, कठोर परिश्रम करने में असमर्थता, समयपूर्व स्खलन आदि जैसी समस्याओं का सामना करने वाले लोगों के लिए बहुत लाभकारी है।
  • जो महिलाएं इस रूद्राक्ष को धारण करती हैं, उन्हें अच्छा वैवाहिक जीवन, संतान और दांपत्य सुख प्राप्त होता है।
  • संपत्ति और वाहन जैसे भौतिक सुख के लिए यह रुद्राक्ष बहुत उपयोगी है।

 

मुखी रुद्राक्ष के बारे में किसी अन्य जानकारी के लिए सम्पर्क करे +919870286388 या नीचे दिए गए फॉर्म से डिटेल्स भेजे।

 

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