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15 मुखी रुद्राक्ष की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में

 15 Mukhi Rudraksha in Hindi पन्द्रह मुखी रूद्राक्ष

 

पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, क्योंकि यह भगवान शिव के स्वरूप पशुपति नाथ का प्रतीक माना गया है।

 

पशुपति भगवान शिव के 1008 नामों में बहुत ही प्रसिद्ध नाम है इसलिए इस रुद्राक्ष का बहुत महत्व है। भगवान शिव के स्वरूप के हाथों में कई अस्त्र शस्त्र हैं, जिनका अपना ही अलग प्रभाव और शक्ति है। भगवान के इसी स्वरूप के नाम पर नेपाल में एक भव्य मन्दिर की स्थापना की गई है।

 

पंद्रह मुखी रुद्राक्ष पन्द्रह तिथियों से संबंधित है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से ऊर्जा शक्ति की प्राप्ति होती है, जिससे व्यक्ति को अपने सभी कार्यों में सफलता मिलती है।

 

ऐसी मान्यता है कि जब भगवान विश्वकर्मा सभी देवताओं के लिए हथियार बनाते हैं, तब भगवान विश्वकर्मा शिवजी से अपने इस कार्य में सफलता पाने के लिए आशीर्वाद मांगते हैं। भगवान शिव विश्वकर्मा जी की प्रार्थना से प्रसन्न होकर इन्हें आशीर्वाद स्वरूप में पंद्रह मुखी रुद्राक्ष प्रदान करते हैं।

 

पन्द्रह मुखी रूद्राक्ष के लाभ

 

  • पन्द्रह मुखी रूद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति की बुद्धि तीव्र होती है।
  • इस रूद्राक्ष को धारण करने से यह आपका उचित मार्गदर्शन करता है।
  • पन्द्रह मुखी रूद्राक्ष को पहनने से आप पर राहु की कृपा दृष्टि बनी रहती है।
  • इस रूद्राक्ष को पहनने से आपके जीवन में धन की कभी कमी नहीं होती है।
  • पन्द्रह मुखी रूद्राक्ष को धारण करने से त्वचा रोग को दूर करता है।
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  • यह रूद्राक्ष मोक्ष प्राप्ति के लिए सहायक साबित होता है।
  • यह रूद्राक्ष आपको ध्यान केंद्रित करने में सहायता करता है।
  • पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष स्वास्थ्य, धन, शक्ति, ऊर्जा, समृद्धि, आत्मा और आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि करता है।
  • जो व्यक्ति लौह और रसायन के क्षेत्र में काम करते हैं, उन लोगों के लिए यह पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष बहुत उपयोगी माना जाता है।

 

15 मुखी रुद्राक्ष के बारे में किसी अन्य जानकारी के लिए सम्पर्क करे +919870286388 या नीचे दिए गए फॉर्म से डिटेल्स भेजे।

 

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